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रूद्र के महीने में भारतीय वायुसेना ने हेलीकॉप्टर रुद्र को लद्दाख के मोर्चे पर किया है तैनात,चीन को चटाएगा धूल

चीन को धूल चटाने के के लिए भारतीय वायु सेना ने तैनात किया रूद्र , भोलेनाथ के महीने में भारतीय वायुसेना के पास आई जबरजस्त ताकत

लद्दाख में किया गया तैनात
रुद्र को वायुसेना ने लद्दाख के थोइस एयरबेस पर तैनात किया है रुद्र 250 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से उड़ सकता है और बीस हजार फीट तक की ऊंचाई पर जा सकता है. लेकिन जो बात इसे हिमालय की ऊंचाई पर लड़ने में अपाचे से ज्यादा कारगर बनाती है वो है इसका वजन

गन जो जुड़ी है पायलेट के हेलमेट से
रुद्र का वजन 5.8 टन जो अपाचे के वजन का आधा है. लद्दाख की ऊंचाई में इतना कम वजन इसे ज्यादा फुर्ती से लड़ाई की कार्यवाही करने में मदद करेगा और छोटा आकार दुश्मन की पकड़ में काम आता है . रुद्र की मुख्य गन 20 मिमी की है जो पायलट के हेलमेट से जुड़ी होती है यानी पायलट जिधर देखेगा उधर अपने आप निशाना लग जाएगा इसके अलावा ये 48 रॉकेट या 4 एंटी टैंक मिसाइलें भी अपने साथ ले जा सकने की छमता रखता है .

दुश्मन को दूर से ही लेगा देख
इसके सेंसर्स बहुत कारगर हैं जिनसे दुश्मन का दूर से ही पता लग जाता है. इसमें हेलीकॉप्टर पर दागी गई मिसाइल को पहले से भांपने का सटीक सिस्टम लगा है जिससे पायलट को खुद पर दागी गई मिसाइल से बचने का पर्याप्त मौका मिलता है. रुद्र स्वदेशी एडवांस लाइट हेलीकॉप्टर ध्रुव का आर्म्ड संस्करण है और भारतीय पायलट लंबे अरसे से इस पर काम करने में महारत हासिल कर चुके हैं.

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