पीरियड्स आने से पहले देते हैं ये संकेत, इस दौरान भूल कर भी न करें ये गलतियाँ…

पीरियड्स यानि मासिक धर्म 12 साल की लड़कियों से लेकर 45 साल तक की महिलाओं को हर महीने होता है। इस दौरान महिला को कई तरह की तकलीफों से गुजरना पड़ता है।

जब कोई लड़की किशोरावस्था में पहुंचती है तब उसके अंडाशय इस्ट्रोजन एवं प्रोजेस्ट्रोन नामक हार्मोन उत्पन्न करने लगते हैं। इन हार्मोन की वजह से हर महीने में एक बार गर्भाशय की परत मोटी होने लगती है। कुछ अन्य हार्मोन अंडाशय को एक अनिषेचित डिम्ब उत्पन्न एवं उत्सर्जित करने का संकेत देते हैं।

सामान्यतः अगर लड़की माहवारी के आसपास यौन संबंध नहीं बनाती हैं तो गर्भाशय की वह परत जो मोटी होकर गर्भावस्था के लिए तैयार हो रही थी, टूटकर रक्तस्राव के रूप में बाहर निकल जाती है। इसे मासिक धर्म कहते हैं।

आने से पहले होते हैं ऐसे लक्षण

पीरियड्स आने के पहले महिलाओं में कुछ लक्षण दिखने लगते हैं। जैसे कि पेट दर्द, पीठ दर्द, चेहरे पर पिंपल्‍स, कम या अधिक भूख लगना, थकान महसूस होना। ये सभी लक्षण कुछ दिनों पहले ही होना शुरू हो जाते हैं, लेकिन पीरियड्स खत्म होने के बाद ये अपने आप ठीक हो जाते हैं और महिला स्वस्थ महसूस करने लगती है।

ऐसे बरतें सावधानी

पीरियड्स के दौरान महिलाओं को सेनेटरी नैपकिन का यूज करना चाहिए। नैपकिन के अलावा महिलाएं कॉटन का साफ कपड़ा भी प्रयोग कर सकती हैं। अगर आप हेल्‍थ फ्रीक हैं तो पीरियड्स के शुरुआती दो दिन एक्‍सरसाइज से दूरी बना सकती हैं। कॉफी का सेवन कर सकती हैं। कुछ महिलाओं को पेट दर्द की शिकायत रहती है, तो उस दौरान पेन किलर की जगह गर्म पानी से सिकाई कर सकती हैं।

पीरियड्स के दौरान गलती से भी न करें ये काम

असुरक्षित संबंध

ऐसा भूलकर भी नहीं सोचना चाहिए कि पीरियड्स के दिनों में आप गर्भवती नहीं हो सकती हैं। इस दौरान भी गभर्वती होने की संभावना होती है। साथ ही संक्रमण से बचने के लिए भी इस दौरान संबंध बनाने से परहेज करना चाहिए।

खाना छोड़ना हो सकता है खतरनाक

ये बहुत जरूरी है कि आप पर्याप्त मात्रा में खाना लें। खाना छोड़ना खतरनाक हो सकता है। आपको याद रखने की जरूरत है कि इस दौरान शरीर काफी कमजोर होता है, ऐसे में खाना छोड़ना भारी पड़ सकता है। कोशिश करें कि आप जो भी आहार लें वो पौष्ट‍िक ही हो।

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