राम मन्दिर निर्माण में मुस्लिम भाई भी दें हिन्दुओं का साथ : चिन्मयानंद

 

 

उरई। राम मन्दिर के निर्माण में मुस्लिम भाईयों को हिन्दुओं का साथ देना चहिये, क्योंकि जिस तरह पवित्र मक्का मदीना पूरे विश्व के मुसलमानों की श्रद्धा का केन्द्र है। उसी तरह भगवान राम की जन्मभूमि पूरे विश्व के हिन्दुओं के लिए श्रद्धा का केन्द्र है। उन्होंने कहा कि भगवान राम अयोध्या में पैदा हुये, यह बात हर व्यक्ति जानता है। वहां राम मन्दिर बनकर ही रहेगा। इसलिये भारत देश में हिन्दू-मुस्लिम भाईचारा और प्रगाढ़ करने के लिये राम मन्दिर के निर्माण में मुस्लिम बन्धुओं को बढ़-चढ़कर हिन्दुओं का सहयोग करना चाहिये।

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विश्व कल्याण मिशन के प्रख्यात भागवताचार्य संत चिन्मयानंद बापू सोमवार को श्रीमद भागवत कथा के मुख्य यजमान के रूप में यहां आये थे। इस मौके पर ‘हिन्दुस्थान समाचार’ से बातचीत ​में एक सवाल के जवाब में संत चिन्मयानंद बापू ने कहा कि भारत में आक्रमणकारियों के आने के पूर्व हम सब हिन्दू थे। यानि हमारे पूर्वज एक हैं इसलिये मुस्लिम भाईयों को इस ऐतिहासिक तथ्य को ध्यान में रखकर अपने हिन्दू भाईयों की श्रद्धा को देखते हुए भगवान राम की जन्म भूमि अयोध्या में भव्य मन्दिर बनवाने में हर तरह का सहयोग देना चहिये।

संत बापू ने कहा कि भारत विश्व का इकलौता ऐसा देश है जहां मुस्लिमों को हिन्दुओं के बराबर का हक है। अखण्ड भारत के बंटवारे के बाद बने पाकिस्तान में हिन्दू, सिक्ख, जैन, बौद्ध और ईसाई समुदाय की जनसंख्या लगातार कम हो रही है। बंटवारे के बाद पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की संख्या 22 प्रतिशत थी जो आज घटकर ढाई प्रतशत रह गयी है जबकि भारत में अल्पसंख्यक हर तरह में फल फूल रहे हैं। यही हिन्दू संस्कृति की विशेषता है। एक सवाल के जवाब में संत बापू ने विश्वास जताया कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला रामजन्म भूमि के पक्ष में आयेगा। जज चाहे हिन्दू हो या मुसलमान या ईसाई हो लेकिन उन्हें पता है कि भगवान राम का जन्म अयोध्या में ही हुआ था। इसीलिये जन्मभूमि में ही रामलला विराजमान हैं और अब वहीं भगवान राम का भव्य मन्दिर बनेगा। उन्होंने प्रतिप्रश्न करते हुये कहा कि भगवान राम का मन्दिर अयोध्या में नहीं तो क्या पाकिस्तान में बनेगा?

एक सवाल पर संत बापू ने कहा कि मुस्लिम भाईयों को यह सोचना चाहिये कि यदि कोई समुदाय मक्का मदीना पर सवाल उठाये तो उनका खून खौलेगा कि नहीं। वैसा ही भारत और पूरे विश्व के हिन्दू समाज को सैकड़ों वर्षों से कुछ ऐसा ही महसूस कर रहा है, इसलिये मुस्लिम भाईयों को अपने पूर्वजों का स्मरण कर भव्य राम मन्दिर के निर्माण में हर तरह से सहयोग करना चाहिये। यदि उन्होंने ऐसा किया तो विश्व में हिन्दू-मुस्लिम एकता की सिर्फ मिसाल ही नहीं बनेगी बल्कि भारत विश्व में एक महान शक्तिशाली देश बनकर शीघ्र उभरेगा। उन्होंने कहा कि भारत के संत मुस्लिम समाज की कोई भी मस्जिद निर्माण में भी सहयोग को तैयार है।

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