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भारत-चीन युद्ध की वजह से नही हो पाई रतन टाटा की शादी, जानें क्या है मामला

नई दिल्लीः देश के जाने-माने उद्योगपति रतन टाटा को तो हर कोई जानता है लेकिन उनकी निजी जिंदगी को लेकर अभी भी बहुत कम लोग जानते हैं। रतन टाटा का कहना है कि उनकी शादी लगभग होने वाली थी, लेकिन भारत-चीन के बीच युद्ध होने की वजह से उनकी शादी नही हो पाई। आइए जानते हैं कि क्या था यह मामला-

बता दें कि टाटा ग्रुप के चेयरमैन एमेरिटस रतन टाटा ने हाल ही में प्यार और परवरिश से जुड़ी निजी जानकारियां शेयर की हैं। टाटा ने फेसबुक पेज ह्यूमंस ऑफ बॉम्बे पर लिखा- ’लॉस एंजिल्स में कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने के बाद मैंने एक आर्किटेक्चर कंपनी में नौकरी शुरू की थी। 1962 का वह दौर बहुत अच्छा था। लॉस एंजिल्स में ही मुझे किसी से प्यार हुआ था।

उन्होंने लिखा कि शादी लगभग पक्की हो चुकी थी लेकिन, दादी की तबीयत खराब होने की वजह से मुझे भारत लौटने का फैसला लेना पड़ा। सोचा था जिससे शादी करना चाहता हूं वह भी साथ आएगी लेकिन, भारत-चीन युद्ध की वजह से उसके पैरेंट तैयार नहीं हुए और हमारा रिश्ता खत्म हो गया।’

बता दें कि रतन टाटा की उम्र जब केवल 10 साल थी, तब उनके माता-पिता का तलाक हो गया था। दादी नवजबाई टाटा ने उनकी परवरिश की। रतन टाटा ने बताया- ’पैरेंट के अलग होने की वजह से मुझे और मेरे भाई को कुछ दिक्कतें हुईं, लेकिन फिर भी बचपन खुशी से बीता।

दूसरे विश्व-युद्ध के बाद दादी हम दोनों भाइयों को छुट्टियां मनाने लंदन ले गई थीं। वहीं उन्होंने हमें जिंदगी में मूल्यों की अहमियत बताई। उन्होंने समझाया कि प्रतिष्ठा सब चीजों से ऊपर होती है।’ उन्होंने लिखा कि ’मैं वायलिन सीखना चाहता था, पिता पियानो पर जोर देते थे। मैं कॉलेज की पढ़ाई अमेरिका में करना चाहता था, पिता यूके भेजना चाहते थे। मेरी आर्किटेक्ट बनने की इच्छा थी, लेकिन पिता चाहते थे कि इंजीनियर बनूं।

लिखा कि जब दादी नहीं होतीं तो मैं कभी अमेरिका में पढ़ाई नहीं कर पाता। दादी की वजह से ही मैं मैकेनिकल इंजीनियरिंग से स्विच कर आर्किटेक्ट में एडमिशन ले पाया। पिता थोड़े नाराज थे, लेकिन मुझे अपना फैसला ले पाने की खुशी थी। यह बात भी दादी ने सिखाई कि अपनी बात रखने की हिम्मत करने का तरीका भी विनम्र और शालीन हो सकता है।’

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