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ब्रिटेन की कैबिनेट में टॉप 3 मंत्री भारतीय मूल के, जानें कौन हैं वो जिनके हाथों में ब्रिटेन की पावर

ब्रिटेन की कैबिनेट में प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के बाद टॉप 3 मंत्री भारतीय मूल के हैं. ऋषि सुनक को फायनेंस सेक्रेट्री (वित्‍त मंत्री) बनाया गया है. दिसंबर 2019 में शानदार जीत दर्ज कर सत्‍ता में लौटे जॉनसन ने भारतीयों पर भरोसा दिखाया है. ऋषि के अलावा, आलोक शर्मा को भी प्रमोशन दिया गया है जो बिजनेस सेक्रेट्री (कारोबारी मामलों के मंत्री) होगे. इसके अलावा प्रीति पटेल पहले से ही ब्रिटेन की होम सेक्रेट्री (गृह मंत्री) हैं. तीनों को पिछले साल जुलाई में ब्रिटिश कैबिनेट में शामिल किया गया था. आइए जानते हैं कि इन तीनों के बारे में.

ऋषि सुनक

ऋषि का कद कंजरवेटिव पार्टी के भीतर बेहद तेजी से बढ़ा है. 39 साल के ऋषि 2015 में पहली बार यॉर्कशर से सांसद चुने गए थे. वह लोकल गवर्नमेंट की सरकार में मंत्री थे, फिर उन्‍हें ट्रेजरी का चीफ सेक्रेट्री बनाया गया. वह MBA ग्रैजुएट हैं और इनवेस्‍टमेंट एक्‍सपर्ट माने जाते हैं. पॉलिटिक्‍स में में आने से पहले उन्होंने Goldman Sachs और Hedge Fund के लिए काम किया. इसके बाद उन्होंने एक इनवेस्‍टमेंट फर्म खोली. ऋषि इंफोसिस के संस्‍थापक एनआर नारायणमूर्ति के दामाद हैं.

प्रीति पटेल

प्रीति पटेल ब्रिटेन के इतिहास में गृह मंत्री बनने वाली भारतीय मूल की पहली शख्सियत हैं. 47 साल की प्रीति का जन्म लंदन में हुआ था और वहीं पर पली-बढ़ीं. महज 20 साल की उम्र में ही उन्‍होंने कंजरवेटिव पार्टी ज्‍वॉइन की.

साल 2010 में पहली बार सांसद चुनी गईं प्रीति 2014 में ट्रेजरी मंत्री बनीं. 2015 के आम चुनावों के बाद वो रोजगार मंत्री बन गई थीं. थिरेसा मे की सरकार में प्रीति इंटरनेशनल डेवलपमेंट सेक्रेट्री भी रहीं मगर 2017 में उन्‍हें इस्‍तीफा देना पड़ा था.

आलोक शर्मा

आगरा में पैदा हुए आलोक शर्मा 2010 से रीडिंग वेस्‍ट के सांसद हैं. वह थिरेसा मे सरकार में रोजगार मंत्री थे. चुनावों में उन्‍होंने जॉनसन का पुरजोर समर्थन किया था. 51 साल के शर्मा पहले इंटरनेशनल डेवलपमेंट सेक्रेट्री हुआ करते थे. तब उनके माथे ब्रिटेन की राष्‍ट्रीय आय का 0.7 प्रतिशत अंतरराष्‍ट्रीय मदद के लिए खर्च करने की जिम्‍मेदारी थी.

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ब्रिटेन ने भारत को दी जाने वाली परंपरागत मदद बहुत पहले ही बंद कर दी थी, मगर कुछ राज्‍यों में फंड करता है. बतौर बिजनेस सेक्रेट्री, आलोक शर्मा का काम ग्‍लोबल क्‍लाइमेंट चेंज पर बातचीत के अगले पड़ाव (COP26) को मॉनिटर करना होगा.

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